Thursday, April 6, 2017

ये उँगलियों की ताक़त है,
जब कहो,
हंसाऊं,
फिर और गुदगुदाऊं,
फिर थोड़ा और,
ऐसे- ऐसे points पता हैं,
कि ज़्यादा देर नहीं टिकोगी,
चीख़ते हुए कहोगी,
हर बार की तरह,
"Baby बस,
... STOP!!"
और हर बार की तरह,
मैं नहाने से पहले,
मुस्कुराऊंगा,
basin में अपने हाथ धोते हुए।


- प्रणव मिश्र 

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